जंग के मूड में खामेनेई! IRGC को खुली छूट, अंडरग्राउंड ‘मिसाइल सिटी’ एक्टिव — ट्रंप की फिर धमकी

iran-unrest-khamenei-ircg-missile-alert
iran-unrest-khamenei-ircg-missile-alert

ईरान में सरकार विरोधी आंदोलन 13वें दिन और भी ज़्यादा उग्र और खतरनाक हो गया है। हालात बिगड़ते देख सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने देश की आंतरिक सुरक्षा की पूरी कमान इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) को सौंप दी है। नियमित सेना और पुलिस के प्रदर्शनकारियों को काबू में करने में नाकाम रहने के बाद यह बड़ा और असाधारण फैसला लिया गया।

रिपोर्ट्स के मुताबिक IRGC की मिसाइल यूनिट्स को हाई अलर्ट पर रखा गया है और अंडरग्राउंड ‘मिसाइल सिटीज’ को भी सक्रिय कर दिया गया है। ये वही गुप्त मिसाइल ठिकाने बताए जा रहे हैं, जिन्हें पिछले साल इज़रायल के साथ हुए टकराव के दौरान सुरक्षित रखा गया था। सुरक्षा एजेंसियों को आशंका है कि किसी भी विदेशी दखल की स्थिति में हालात “विनाशकारी युद्ध” की ओर बढ़ सकते हैं।

ईरानी सरकार ने प्रदर्शनकारियों को “आतंकवादी” करार देते हुए दावा किया है कि बीते दो दिनों में हिंसक भीड़ ने सैन्य और कानून व्यवस्था से जुड़े कई ठिकानों पर हमले किए। इन घटनाओं में आम नागरिकों और सुरक्षाकर्मियों की मौत हुई है, जबकि सार्वजनिक और निजी संपत्तियों को भारी नुकसान पहुंचा है।

शुक्रवार देर रात तेहरान के पश्चिमी शहर कराज में एक नगरपालिका इमारत को आग के हवाले कर दिया गया। इसके अलावा शिराज, क़ुम और हमेदान समेत कई बड़े शहरों में प्रदर्शन जारी हैं, जहां सुरक्षा बलों की तैनाती और सख्त कर दी गई है।

मानवाधिकार संगठनों के आंकड़े हालात की भयावहता बयां कर रहे हैं। HRANA के अनुसार 9 जनवरी तक कम से कम 65 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जिनमें 50 प्रदर्शनकारी और 15 सुरक्षाकर्मी शामिल हैं। हालांकि, स्वतंत्र सूत्रों का मानना है कि वास्तविक आंकड़ा इससे कहीं अधिक हो सकता है। TIME से बातचीत में एक डॉक्टर ने दावा किया कि सिर्फ तेहरान के छह अस्पतालों में ही 217 प्रदर्शनकारियों की मौत दर्ज की गई है, जिनमें अधिकांश को जिंदा गोलियों से निशाना बनाया गया।